- Riteish Deshmukh takes a leap into Telugu cinema with Ram Pothineni’s RAPO23
- From Ananya Panday to Kashika Kapoor to Janhvi Kapoor - 5 OG Bollywood Beauties Who Will Give You the Perfect Garba Looks You Need This Navratri
- From Reena Malhotra to Kamalpreet Dhanoa: 25 Years of Dia Mirza and Her Evolution as an Actor
- Who is Pragati Srivastava? The Fresh Face Set for a Promising Bollywood Debut with Aanand L Rai’s Nakhrewaalii
- Mia by Tanishq Launches "Lightscapes": A Jewellery Collection Inspired by the Magic of Festive Lights
Gen Z को Great Generation बनाने के लिए नशामुक्त जीवन जरूरी : डॉ. ए.के. द्विवेदी
दीक्षा आरंभ सत्र में विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश
इंदौर। श्री आर.जी.पी. गुजराती प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट के दीक्षा आरंभ सत्र के दूसरे दिन नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (फिजियोलॉजी एवं बायोकैमिस्ट्री) डॉ. ए.के. द्विवेदी ने “Gen Z to Great Generation : नशामुक्त जीवन, हार्मोनल संतुलन और सही निर्णय” विषय पर प्रभावी उद्बोधन दिया। इस अवसर पर संस्थान की डायरेक्टर डॉ. रवलीन भसीन सहित संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि केवल शैक्षणिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ युवा ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्क्रीन एडिक्शन, तंबाकू, शराब, ड्रग्स, वेपिंग, सोशल मीडिया और गेमिंग की लत से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की निर्णय क्षमता, एकाग्रता, अध्ययन और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उन्होंने बताया कि लगभग 25 वर्ष की आयु तक मस्तिष्क का विकास निरंतर होता रहता है। इस अवधि में विकसित होने वाली अच्छी या बुरी आदतें पूरे जीवन की दिशा तय करती हैं। उन्होंने Healthy Dopamine की अवधारणा समझाते हुए कहा कि वास्तविक खुशी और संतुष्टि व्यायाम, योग, ध्यान, अध्ययन, अच्छा संगीत, रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक जीवनशैली से प्राप्त होती है, न कि नशे या मोबाइल की लत से।
डॉ. द्विवेदी ने हार्मोनल संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, योग, पर्याप्त जल सेवन तथा तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जंक फूड, अनियमित दिनचर्या, तनाव और नशा हार्मोनल असंतुलन के प्रमुख कारण हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. द्विवेदी ने सभी विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने किसी भी प्रकार का नशा न करने, स्वस्थ एवं संस्कारित जीवन जीने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संस्थान की डायरेक्टर डॉ. रवलीन भसीन ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों में एकाग्रता (कंसंट्रेशन) की कमी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। इसे दूर करने के लिए विद्यार्थियों को अच्छे संगीत से जुड़ना चाहिए तथा श्रेष्ठ साहित्य का नियमित अध्ययन करना चाहिए, जिससे उनका व्यक्तित्व, चिंतन और मानसिक संतुलन विकसित हो सके।
अपने संबोधन के समापन पर डॉ. द्विवेदी ने कहा कि यदि युवा आज सही जीवनशैली और सही निर्णय लेने की आदत विकसित कर लें, तो Gen Z वास्तव में Great Generation बन सकती है।
कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर श्वेता गोस्वामी ने किया तथा प्रोफेसर रवीना राणा ने आभार व्यक्त किया।


